नई दिल्ली, 24 जुलाई।
विदेश मंत्रालय ने चीन के भारतीय क्षेत्रों पर किए गए दावों को खारिज करते हुए कहा कि भारत ने कभी भी चीन की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर भारत का रुख हमेशा स्पष्ट और सुसंगत रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि संप्रभुता के मुद्दे पर सवाल उठाने का अधिकार भारत का है। उन्होंने कहा कि 1963 से चीन जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के भारतीय क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जा किए हुए है, जबकि भारत ने कभी चीन की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं किया।
प्रवक्ता ने कहा कि भारत के दावों को चीन भी आधिकारिक स्तर पर स्वीकार कर चुका है। इसके बावजूद चीन जम्मू-कश्मीर के भारतीय क्षेत्रों में विभिन्न परियोजनाएं चला रहा है, जिन पर भारत ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारत अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े मामलों पर स्पष्ट रुख रखता है तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।















