मुंबई, 24 जुलाई।
भारतीय मुक्केबाजी के उभरते सितारे सचिन सिवाच की नजर अब राष्ट्रमंडल खेल-2026 में पदक जीतने पर है। 26 वर्षीय मुक्केबाज ने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है और उनका लक्ष्य हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश को गौरवान्वित करना है।
इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (आईआईएस) से जुड़े सचिन हाल के वर्षों में शानदार फॉर्म में रहे हैं। वर्ष 2025 में उन्होंने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स का स्वर्ण पदक जीतकर यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बने। इसके बाद 2026 में उन्होंने चेक गणराज्य के ग्रां प्री उस्ती नाद लाबेम और स्पेन के बॉक्साम एलीट इंटरनेशनल टूर्नामेंट में स्वर्ण तथा एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में रजत पदक जीता।
राष्ट्रमंडल खेलों से पहले सचिन ने कहा कि उन्होंने अपनी तैयारी में गति, टाइमिंग, मूवमेंट और रिंग अवेयरनेस पर विशेष ध्यान दिया है। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीत और हार का अंतर बहुत कम होता है, इसलिए अनुशासन और सही रणनीति सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि वह किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं ले रहे हैं और एक समय में केवल एक मुकाबले पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सचिन ने विश्वास जताया कि यदि वह अपनी रणनीति के अनुसार खेल सके तो बेहतर प्रदर्शन कर पदक जीतने में सफल होंगे।
सचिन ने अपनी सफलता का श्रेय इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स को देते हुए कहा कि बेहतर कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस, रिकवरी सुविधाओं और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण ने उनके प्रदर्शन को नई ऊंचाई दी है।















