जोधपुर, 24 जुलाई।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर की कॉग्निटिव ब्रेन डायनेमिक्स लैब में मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली पर अत्याधुनिक शोध किया जा रहा है। इस अध्ययन से भविष्य में याददाश्त, मानसिक स्वास्थ्य और मस्तिष्क आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होने की उम्मीद जताई गई है।
स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस के प्रोफेसर दीपांजन रॉय के नेतृत्व में चल रहे इस शोध में ध्यान, स्मृति, भावनाओं, भाषण को समझने की क्षमता और बदलती परिस्थितियों में मस्तिष्क की कार्यप्रणाली का अध्ययन किया जा रहा है। यह शोध भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित विभिन्न राष्ट्रीय परियोजनाओं के तहत संचालित हो रहा है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, न्यूरोसाइंस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक ब्रेन इमेजिंग तकनीकों को एकीकृत कर ऐसे वैज्ञानिक मॉडल विकसित किए जा रहे हैं, जो भविष्य में मानसिक स्वास्थ्य, संचार क्षमता और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने वाली तकनीकों के विकास में सहायक हो सकते हैं। अध्ययन में यह भी पाया गया है कि हल्की विद्युत उत्तेजना के माध्यम से मस्तिष्क की सूचना प्रसंस्करण प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सकता है।
आईआईटी जोधपुर की टीम ईईजी, एमईजी और आधुनिक संगणकीय तकनीकों की सहायता से उम्र बढ़ने के साथ मस्तिष्क में होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन कर रही है। शोध का उद्देश्य स्मृति ह्रास और मानसिक क्षमताओं में कमी के शुरुआती संकेतों की पहचान करना है, जिससे माइल्ड कॉग्निटिव इम्पेयरमेंट और फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया जैसी बीमारियों की प्रारंभिक पहचान में मदद मिल सके।
शोध के तहत यह भी समझने का प्रयास किया जा रहा है कि विभिन्न परिस्थितियों में मस्तिष्क भावनाओं को कैसे नियंत्रित करता है और अचानक आने वाले खतरों पर किस प्रकार प्रतिक्रिया देता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इससे अवसाद, चिंता और एडीएचडी जैसे विकारों की पहचान एवं उपचार के लिए नई संभावनाएं विकसित हो सकती हैं।















