नई दिल्ली, 24 जुलाई।
केंद्र सरकार ने ब्लूटूथ आधारित मैसेजिंग एप्लिकेशन ‘बिटचैट’ को हटाने के लिए गिटहब को निर्देश जारी किए हैं। सरकार का कहना है कि यह ऐप नेटवर्क या इंटरनेट प्रतिबंध के दौरान भी ब्लूटूथ के माध्यम से संदेशों के आदान-प्रदान की सुविधा देता है, जिससे सुरक्षा संबंधी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
बिटचैट के डेवलपर और एक्स (पूर्व में ट्विटर) के सह-संस्थापक जैक डोर्सी ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि भारत सरकार इस तकनीक को हटाना चाहती है। उन्होंने गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के कथित आदेश की प्रति भी साझा की।
आदेश के अनुसार, बिटचैट जैसे एप्लिकेशन का उपयोग नेटवर्क प्रतिबंधों के दौरान भी संचार बनाए रखने के लिए किया जा सकता है। सरकार का कहना है कि ऐसी तकनीक का दुरुपयोग राष्ट्रविरोधी तत्वों, आतंकवादी संगठनों, संगठित अपराध समूहों और साइबर अपराधियों द्वारा कानूनी निगरानी से बचने के लिए किए जाने की आशंका है।
इन्हीं सुरक्षा और कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं को देखते हुए सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में ऐप को हटाने के निर्देश जारी किए हैं।















