पिछले कुछ महीनों में मध्यप्रदेश के लॉ एंड ऑर्डर संभालने वाले महकमे की कुछ टीमों की छापेमारी के दौरान पिटाई हो रही है।
जिनकी गिरफ्तारी के लिए जाते हैं, वे वहां मिलते नहीं हैं। खाली हाथ लौटना पड़ता है और हमला भी हो रहा है। इन दिनों ऐसे जिलों में यह तलाशने की कोशिश शुरू हो गई है कि आखिर छापे से पहले सूचना अपराधियों तक कैसे पहुंच रही है। घर में कोई भेदिया तो नहीं है।














