भोपाल, 25 जुलाई।
राजधानी के सराफा बाजार में आज सोने और चांदी के खुदरा भावों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर देखने को मिल रहा है। स्थानीय जानकारों के अनुसार वैश्विक स्तर पर चल रहे आर्थिक बदलावों और अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा असर यहां के बुलियन व्यापार पर पड़ रहा है, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों की निगाहें टिक गई हैं।
बढ़ती कीमतों के बीच जब कोई खरीदार बाजार में आभूषण खरीदने पहुंचता है, तो बिल में केवल धातु का मूल्य नहीं जुड़ता। इसमें कारीगरों की मेहनत के आधार पर मेकिंग चार्ज, धातु मूल्य पर 3 प्रतिशत और कारीगर शुल्क पर 5 प्रतिशत जीएसटी के साथ-साथ बिश हॉलमार्किंग का शुल्क भी शामिल होता है, जिससे अंतिम देय राशि मूल भाव से अधिक हो जाती है।
स्थानीय स्तर पर आभूषणों की मांग मुख्य रूप से पारंपरिक विवाह समारोहों और प्रमुख त्योहारों के समय चरम पर पहुंच जाती है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल भी आयातित धातुओं की कीमतों को सीधे तौर पर प्रभावित करती है।
ग्राहकों को खरीदारी के वक्त अपनी पूंजी सुरक्षित रखने के लिए कुछ जरूरी बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। आभूषण खरीदते समय उस पर बीआईएस हॉलमार्क, शुद्धता का प्रमाण और छह अंकों के विशिष्ट कोड की जांच जरूर करें तथा अपने बिल में सभी शुल्कों का अलग-अलग विवरण अवश्य लिखवाएं।















