भोपाल, 25 जुलाई।
राजधानी भोपाल में साइबर ठगों ने एक शिक्षिका के बैंक खाते से बिना ओटीपी और कॉल किए 2.91 लाख रुपये की ठगी कर ली। बैंक से ट्रांजेक्शन के संदेश मिलने पर पीड़िता को धोखाधड़ी का पता चला, जिसके बाद उन्होंने तत्काल बैंक को सूचना देकर खाता ब्लॉक कराया और साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पीड़िता का कहना है कि उन्होंने किसी के साथ बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं की, न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया और न उनका मोबाइल फोन खोया। इसके बावजूद खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 2.91 लाख रुपये निकाल लिए गए।
प्रारंभिक जांच में साइबर विशेषज्ञ इस मामले को सिम स्वैप, डेटा लीक या बैंकिंग क्रेडेंशियल्स के दुरुपयोग से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस बैंक से ट्रांजेक्शन का पूरा विवरण, सर्वर लॉग, आईपी एड्रेस तथा जिन खातों में राशि भेजी गई है, उनकी जानकारी जुटा रही है। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
साइबर पुलिस ने लोगों से बैंक खाते का स्टेटमेंट और एसएमएस अलर्ट नियमित रूप से जांचने की अपील की है। साथ ही संदिग्ध लेनदेन होने पर तुरंत बैंक और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। पुलिस ने नेट बैंकिंग और यूपीआई में उपलब्ध अतिरिक्त सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग करने तथा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की भी अपील की है।















