सना, 25 जुलाई।
सऊदी अरब और यमन के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर से बेहद खतरनाक रूप ले चुका है। यमन की सेना ने सऊदी क्षेत्र में स्थित औद्योगिक ठिकानों पर जोरदार मिसाइल हमले किए हैं।
यह कार्रवाई अल-हुदैदा और कामरान द्वीप पर हुए सऊदी हमलों के जवाब में की गई है। दोनों तरफ से लगातार मिल रही धमकियों के बाद इस पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं।
यमन के विदेश मंत्रालय ने सऊदी सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए परिणामों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि नाकेबंदी हटाने के बजाय सैन्य रास्ता चुना गया है।
अंसारुल्लाह आंदोलन के नेताओं ने भी दो टूक शब्दों में कहा है कि हर हमले का जवाब अब और भी बड़े हमले से दिया जाएगा। सेना ने भी लाल सागर में अपने नौसैनिक अभियान जारी रखने की घोषणा की है।















