नई दिल्ली, 27 जुलाई।
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) और इसके संशोधित संस्करण पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत वर्ष 2015 से अब तक देश के शहरी क्षेत्रों में 127.68 लाख घरों को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 121.03 लाख घरों का निर्माण शुरू हो चुका है, जबकि 99.07 लाख आवास लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने सोमवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना का संचालन चार प्रमुख घटकों के माध्यम से किया जा रहा है। इनमें लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी), साझेदारी में किफायती आवास (एएचपी), किफायती किराये का आवास (एआरएच) और ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएस) शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि एआरएच घटक के तहत प्रवासी श्रमिकों, कामकाजी महिलाओं, विद्यार्थियों और शहरी गरीबों के लिए कार्यस्थलों के निकट किराये के आवास उपलब्ध कराने का प्रावधान है। जुलाई 2020 में शुरू की गई किफायती किराये के आवास परिसर (एआरएचसी) योजना के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर में 336 आवासों को किराये के मकानों में परिवर्तित किया गया है।
राज्यमंत्री ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में अब तक 45,982 आवासों को मंजूरी मिली है। इनमें से 43,907 आवासों का निर्माण शुरू हो चुका है, जबकि 35,961 घर पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, योजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप और अधिक प्रस्ताव भेजने के लिए केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन को प्रोत्साहित कर रही है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी की शुरुआत 25 जून 2015 को हुई थी। वहीं, इसका संशोधित संस्करण पीएमएवाई-यू 2.0 ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ मिशन के तहत 1 सितंबर 2024 से लागू किया गया है। योजना का उद्देश्य पात्र शहरी परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना है।

















