बरसाती सत्र से जनता को उम्मीद थी कि पानी, सड़क, बिजली और खेती पर खूब बरसेगा सदन। लेकिन बादल राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों पर ही गरजते रहे। जनता के मुद्दे फिर इंतजार करते रहे और रस्म अदायगी का मौसम चलता रहा।

बरसाती सत्र से जनता को उम्मीद थी कि पानी...
बरसाती सत्र से जनता को उम्मीद थी कि पानी, सड़क, बिजली और खेती पर खूब बरसेगा सदन। लेकिन बादल राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों पर ही गरजते रहे। जनता के मुद्दे फिर इंतजार करते रहे और रस्म अदायगी का मौसम चलता रहा।
अध्ययन-अध्यापन में समय गुजरेगा। ज्ञान-विज्ञान की वृद्घि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। कुछ कार्य भी सिद्घ होंगे। व्यर्थ की भाग-दौड़ से यदि बचा ही जाए तो अच्छा है। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। अवरुद्घ कार्य संपन्न हो जाएंगे। धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। शुभांक-1-4-6