राजगढ़, 27 जुलाई।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायालय, नरसिंहगढ़ ने आरोपित को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 30 जुलाई 2025 की शाम पीड़िता के माता-पिता बाजार गए हुए थे। इसी दौरान डिस्क ठीक करने के बहाने घर पहुंचे आरोपित पप्पू उर्फ विजयसिंह ने नाबालिग के साथ अशोभनीय हरकत की। कुछ देर बाद जब पीड़िता की मां घर लौटीं तो बच्ची की चीख सुनाई दी। पूछताछ में पीड़िता ने पूरी घटना बताई। उसने यह भी बताया कि आरोपित पहले भी उसके साथ इस तरह की हरकत कर चुका था, लेकिन डर के कारण उसने किसी को इसकी जानकारी नहीं दी थी।
शिकायत मिलने पर नरसिंहगढ़ थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया, घटनास्थल का निरीक्षण किया गया, न्यायालय में बयान दर्ज कराए गए तथा विद्यालय से आयु संबंधी दस्तावेज सहित अन्य साक्ष्य एकत्र किए गए।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर प्रभावी पैरवी की। सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आरोपित को दोषी ठहराते हुए बीएनएस की धारा 332(सी) और धारा 74 सहित संबंधित प्रावधानों के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

















