सीवान, 27 जुलाई।
नीट परीक्षा से जुड़े प्रदर्शन के दौरान हुई फायरिंग को लेकर फैल रही चर्चाओं के बीच जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने स्पष्ट किया है कि घटना में किसी भी व्यक्ति को एके-47 की गोली नहीं लगी। उन्होंने बताया कि मौके पर केवल हवाई फायरिंग हुई थी, जबकि घायल हुए तीनों प्रदर्शनकारियों को छोटे हथियारों से चली गोली लगी है। सभी घायलों की स्थिति स्थिर है और एक व्यक्ति उपचार के बाद घर लौट चुका है।
जिलाधिकारी ने बताया कि बिना अनुमति एके-47 से हवाई फायरिंग करने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक ने संबंधित सिपाही को निलंबित कर उसके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से समीक्षा कर रहा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा निर्धारित नियमों के विपरीत की गई कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने लोगों से अफवाहों पर विश्वास नहीं करने और सोशल मीडिया पर अपुष्ट या भ्रामक जानकारी साझा करने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल प्रशासन की ओर से जारी प्रमाणित सूचनाओं पर ही भरोसा किया जाए। उनके अनुसार जिले की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
इस बीच पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने भी वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे संबंधित सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एसपी ने स्पष्ट किया कि संबंधित सिपाही को किसी प्रकार की फायरिंग का आदेश नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि उसे न तो हवाई फायरिंग करनी चाहिए थी और न ही ऐसी स्थिति में एके-47 जैसे हथियार के साथ भीड़ के बीच जाना चाहिए था। यह आचरण निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं था।
उन्होंने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
















