हरिद्वार, 27 जुलाई।
उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज में सोमवार को 46वें ज्ञान दीक्षा संस्कार का भव्य और उत्साहपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से आए हुए हजारों छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
समारोह को वर्चुअली संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय ऋषि परंपरा में शिक्षा को हमेशा से श्रेष्ठता जगाने का मार्ग बताया गया है, और इस संस्थान में प्राचीन भारतीय ज्ञान व आधुनिक शिक्षा का अनूठा मेल देखने को मिलता है।
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने युवा विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए आह्वान किया कि वे अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं, क्योंकि जीवन में बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए मजबूत संकल्प की जरूरत होती है।
शांतिकुंज के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या ने विधि-विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को ज्ञान दीक्षा प्रदान की, जिससे उन्हें भारतीय संस्कृति के आदर्शों और उच्च जीवन मूल्यों का बोध कराया जा सके।
इस खास अवसर पर शांतिकुंज उप डाकघर के स्वर्ण जयंती वर्ष पूरे होने पर भारतीय डाक विभाग द्वारा एक विशेष पिक्टोरियल स्टैम्प भी जारी किया गया, जिस पर संस्थापक युगऋषि की पावन समाधि का चित्र उकेरा गया है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के तमाम अधिकारी, प्राध्यापक और हजारों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

















