ओडिशा, 31 जुलाई।
ओडिशा में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के 13 जिलों में करीब आठ लाख लोग प्रभावित हुए हैं और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।
ऊपरी इलाकों में बारिश कम होने के बाद महानदी नदी तंत्र की स्थिति धीरे-धीरे स्थिर हो रही है। हीराकुंड जलाशय के 12 गेट अभी खुले हुए हैं और जलस्तर बढ़ने पर 12 और गेट खोले जा सकते हैं।
बाढ़ के पानी में करीब 2.68 लाख लोग अब भी फंसे हुए हैं। जाजपुर जिले में ब्राह्मणी, कानी और नुआ महारा नदियों के तटबंध टूटने से कई इलाकों में पानी भर गया है।
दशरथपुर प्रखंड में बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान की खबर है। कई क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बैतरणी नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है और यह खतरे के निशान के करीब बह रही है। देवी नदी खतरे के स्तर से ऊपर है, वहीं भार्गवी नदी भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है।
खोरधा जिले के कई गांवों में राजुआ नदी के पानी का असर देखने को मिला है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
ओडिशा के राजस्व मंत्री ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर राहत कार्यों और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अगले 24 घंटे में हालात बेहतर होने की उम्मीद जताई है।
एहतियात के तौर पर खोरधा, जगतसिंहपुर, भद्रक और जाजपुर जिलों में स्कूल बंद रखे गए हैं। मौसम विभाग ने पुरी, जगतसिंहपुर, कटक और खोरधा जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है।















