मैड्रिड, 1 अगस्त।
स्पेन के स्वायत्त क्षेत्र स्यूटा में बड़ी संख्या में प्रवासियों के पहुंचने से पैदा हुई स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य होती दिख रही है। स्पेन सरकार के अनुसार, सीमा पार कर स्यूटा पहुंचे लगभग 60 हजार लोगों में से 48 हजार 300 से अधिक प्रवासी स्वेच्छा से मोरक्को लौट चुके हैं।
सरकार ने बताया कि गुरुवार सुबह से बड़ी संख्या में लोग जमीन और समुद्र दोनों मार्गों से स्यूटा पहुंचे थे। इसके चलते वहां अव्यवस्था और मानवीय संकट जैसे हालात बन गए थे। स्थिति संभालने के लिए मोरक्को के सुरक्षा बलों ने सीमा पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया तथा नए लोगों को सीमा पार करने से रोकने का प्रयास किया।
यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस घटनाक्रम को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि तय नियमों का पालन किए बिना किसी को भी यूरोपीय संघ में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती।
इस बीच इटली ने स्पेन को शेंगेन फ्री-मूवमेंट क्षेत्र से निलंबित करने की मांग उठाई। बाद में फिनलैंड और डेनमार्क ने भी इसका समर्थन किया। वहीं जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने मोरक्को से अवैध प्रवासियों को तत्काल वापस लेने की अपील की।
फ्रांस और ब्रिटेन ने इस संकट से निपटने में स्पेन की सहायता की पेशकश की है। साथ ही फ्रांस ने स्पेन से लगने वाली अपनी सीमा पर सुरक्षा जांच और सख्त कर दी है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्पेन सरकार की आलोचना की। मैरीलैंड स्थित कैंप डेविड में कैबिनेट बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि स्यूटा में बने हालात अनियंत्रित प्रवासन के जोखिम को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि सही नीतियां नहीं अपनाई गईं तो अमेरिका में भी इससे बड़े हालात पैदा हो सकते हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग ने भी बयान जारी कर स्पेन सरकार पर यूरोप में बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि इस विषय पर सहयोगी देशों के साथ संभावित कदमों पर विचार किया जा रहा है।
यूरोप के कई दक्षिणपंथी नेताओं ने भी इस संकट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। जर्मनी की एएफडी पार्टी की सह-नेता ऐलिस वाइडेल ने इसे पूरे यूरोप के लिए चुनौती बताया। वहीं इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबिस ने भी स्पेन की आव्रजन नीति पर सवाल उठाए।
स्पेन सरकार का कहना है कि हालात लगातार सामान्य हो रहे हैं और बड़ी संख्या में प्रवासी स्वेच्छा से मोरक्को लौट चुके हैं। सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ देश इस मानवीय संकट का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।














