ईटानगर, 4 अगस्त।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने घोषणा की है कि अरुणाचल प्रदेश की ग्लॉ झील को भारत के 101वें रामसर स्थल का दर्जा प्रदान किया गया है। उन्होंने इसे जैव विविधता संरक्षण, जल एवं जलवायु सुरक्षा तथा सतत आजीविका की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
समाज माध्यम पर साझा किए गए संदेश में मंत्री ने कहा कि पूर्वी हिमालय में स्थित यह स्वच्छ मीठे पानी की झील कमलांग टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभयारण्य के भीतर स्थित है। उन्होंने इसे जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध क्षेत्र बताया।
मंत्री के अनुसार, झील के आसपास घनी हरियाली फैली हुई है। इस क्षेत्र और इसके जलग्रहण क्षेत्र में 150 से अधिक वृक्ष प्रजातियां तथा 49 प्रजातियों की ऑर्किड दर्ज की गई हैं।
उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश को अपना पहला रामसर स्थल मिलना राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके अनुसार, भारत ने आर्द्रभूमि संरक्षण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बनाई है।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि वर्ष 2014 में देश में 26 रामसर स्थल थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 101 हो गई है। यह पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नया रामसर स्थल प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ उन समुदायों के भविष्य को भी सुरक्षित करने की दिशा में सरकार के संकल्प को और मजबूत करता है, जिनकी आजीविका इन महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्रों पर निर्भर है।















