रांची, 07 अगस्त।
झारखंड में भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्रों के प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य सरकार छात्रों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक छात्र की समस्याएं जानना चाहती है और उनकी मांगों के अनुरूप बड़े तथा मजबूत सुधार लागू किए जाएंगे।
विधानसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्यभर के छात्र अपनी बात सरकार के सामने रख सकते हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार छात्रों की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर है और संवाद के माध्यम से आगे बढ़ना चाहती है।
प्रदर्शन कर रहे छात्र 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने तथा कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के पैनल से कराने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही जेपीएससी और जेएसएससी में व्यापक सुधार की भी मांग उठाई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पहले ही छात्रों से बातचीत के लिए एक माध्यम उपलब्ध करा चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और सुदिव्य कुमार सहित पांच सदस्यीय सरकारी समिति प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर सकती है।
उधर, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने भी गत दिवस 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया था, ताकि सरकार के साथ वार्ता कर गतिरोध समाप्त किया जा सके।
भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर बैठे रहे, जबकि दो छात्र संगठनों ने विधानसभा तक विरोध मार्च निकाला। छात्रों और अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांगों पर चर्चा के लिए अब तक राज्य सरकार की ओर से कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है।















