देवरिया, 07 अगस्त।
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में साइबर ठगी और डिजिटल करेंसी के माध्यम से धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। गौरीबाजार थाना और साइबर क्राइम थाना की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और 52 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पवन वर्मा, शुभम सिंह, सैफ अंसारी और रोशन वर्मा के रूप में हुई है। सभी को साकेत नगर के पास से पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि आरोपित म्यूल बैंक खातों, फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और सिम कार्ड की मदद से बाइनेन्स, टीजी एक्सचेंज और आईपे जैसे प्लेटफॉर्म पर खाते बनाते थे। इन्हीं खातों के जरिए डिजिटल करेंसी की खरीद-बिक्री कर साइबर ठगी से प्राप्त रकम को इधर-उधर किया जाता था।
पुलिस ने बताया कि गिरोह पीओएस मशीनों का उपयोग कर अवैध धनराशि की निकासी और ट्रांसफर करता था। जांच में मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों के संकेत भी मिले हैं।
आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने दो सिम कार्ड, दो फोनपे पीओएस मशीन, एक ही नंबर वाले अलग-अलग नाम के तीन आधार कार्ड, इंडियन बैंक की मुहर, पैन कार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र, एक्सिस बैंक, एसबीआई और पीएनबी के एटीएम कार्ड के साथ 52 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
इस मामले में गौरीबाजार थाना में भारतीय न्याय संहिता और आईटी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह से अब तक 23 लोगों की संलिप्तता सामने आई है और अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।















