नई दिल्ली, 7 अगस्त।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा समाज विकसित करना है, जिसमें आधुनिक प्रगति की नींव भारत की सभ्यतागत विरासत पर आधारित हो। नई दिल्ली में सी.डी. देशमुख व्याख्यान 2026 को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत के विकास दृष्टिकोण पर अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि भारत की दिशा ऐसी समृद्धि की ओर है, जहां आर्थिक उन्नति तो हो, लेकिन उपभोक्तावाद हावी न हो। देश संपन्न बने, पर भौतिकवादी सोच उसकी पहचान न बने और वैश्विक स्तर पर सफलता प्राप्त करने के साथ उसकी सभ्यतागत विरासत भी सुरक्षित रहे।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत का उद्देश्य ऐसे विकसित राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ना है, जो समृद्धि के साथ संरक्षक भाव, उद्यम के साथ जिम्मेदारी और नवाचार के साथ सभ्यतागत ज्ञान को समान महत्व दे।
उन्होंने कहा कि भारत ऐसा विकास मॉडल अपनाना चाहता है, जिसमें वैश्विक नेतृत्व के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव, आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरण संरक्षण और व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ सामूहिक कल्याण को भी समान प्राथमिकता मिले।















