पिछले दिनों सरकार के एक निर्णय के बाद राजधानी के कुछ थानों में 2-2 इंचार्ज बनाए गए हैं। एक की अनुपस्थिति में दूसरे को प्रभार रहता है।
अपनी छवि बनाने के लिए दोनों साहब अपने दूसरे सहयोगी की कमियां अधिक गिनाते हैं और साहब की नजर में अपनी छवि चमकाने में अधिकांश समय लगे रहते हैं।















