रुद्रप्रयाग, 07 अगस्त।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार खराब मौसम, भूस्खलन और यात्रा मार्ग पर बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए जिला प्रशासन ने मद्यमहेश्वर धाम यात्रा को अगले आदेश तक अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष ने जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह आदेश जारी किए हैं।
प्रशासन के अनुसार, पुलिस, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ और लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट में यात्रा मार्ग को अत्यंत संवेदनशील और जोखिमपूर्ण बताया गया है। मस्ता से मद्यमहेश्वर धाम तक लगभग 14.50 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। मार्ग के शुरुआती हिस्से में सड़क कटिंग का कार्य भी चल रहा है, जिसे फिलहाल यात्रा संचालन को देखते हुए रोक दिया गया है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई श्रद्धालु सुरक्षा चेतावनियों की अनदेखी करते हुए भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से गुजर रहे हैं। कुछ लोग जोखिम वाले स्थानों पर फोटोग्राफी और सेल्फी लेने का प्रयास भी कर रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ रही है।
प्रशासन ने बताया कि बनतोली में मोरखण्डा नदी पर बना लकड़ी का अस्थायी पुल 24 जुलाई को जलस्तर बढ़ने के कारण बह गया था। इसके बाद यात्रियों की आवाजाही मैनुअल ट्रॉली के माध्यम से कराई जा रही है, जिसकी क्षमता एक बार में केवल दो लोगों की है। सावन, कांवड़ यात्रा और अवकाश के कारण बढ़ती भीड़ से वहां अव्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी सामने आई हैं।
लोक निर्माण विभाग ने ट्रॉली के सुरक्षित संचालन के लिए उसके मरम्मत और रखरखाव कार्य की आवश्यकता बताते हुए दो से तीन दिन का समय मांगा है। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने मद्यमहेश्वर धाम यात्रा को अग्रिम आदेश तक स्थगित रखने का निर्णय लिया है।
जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और यात्रा स्थगन की जानकारी व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और मौसम व यात्रा की अद्यतन जानकारी प्राप्त करने के बाद ही यात्रा की योजना बनाएं।















