नई दिल्ली, 7 अगस्त।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह अपनी नियमित सोशल मीडिया पोस्ट में सुभाषितम् साझा करते हुए सज्जन व्यक्ति के स्वभाव की तुलना चंद्रमा से की। उन्होंने श्लोक के माध्यम से चंद्रमा और उदार हृदय वाले मनुष्य के गुणों का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर साझा किए गए श्लोक में कहा, "किं चन्द्रमाः प्रत्युपकारलिप्सया करोति गोभिः कुमुदावबोधनम्। स्वभाव एवोन्नतचेतसां सतां परोपकारव्यसनं हि जीवितम्॥"
प्रधानमंत्री के एक्स हैंडल पर इस श्लोक का अर्थ भी साझा किया गया। इसमें बताया गया कि चंद्रमा अपनी किरणों से कुमुदनी को प्रकाशित किसी प्रतिफल की इच्छा से नहीं करता, बल्कि यह उसका स्वाभाविक गुण है। इसी प्रकार उदार और महान हृदय वाले सज्जन बिना किसी स्वार्थ या अपेक्षा के परोपकार करते हैं, क्योंकि दूसरों का हित करना उनके स्वभाव का हिस्सा होता है।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया यह श्लोक महाकवि भवभूति का है। इसका उल्लेख रसिकलक्षण (रसिकजीवन), शाङ्गधरपद्धति और सुभाषितरत्नभाण्डागारम् में मिलता है।















