मध्यप्रदेश के कुछ बड़े जिलों में साहब कप्तान की लंबी पारी खेलकर राजधानी के अति महत्वपूर्ण इलाके में एक बड़ी कोठी बनवा रहे हैं।
उसके निर्माण के दौरान काफी मटेरियल पड़ा रहता है, इसलिए उसकी चौकीदारी के लिए नियमित रूप से कुछ लोगों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि कीमती सामान चोरी न हो जाए।















