पणजी, 7 अगस्त।
केंद्र सरकार ने गोवा विधानसभा में अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए सीटों के आरक्षण का मार्ग प्रशस्त करते हुए गोवा राज्य की विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व के पुनर्समायोजन अधिनियम, 2025 को अधिसूचित कर दिया है।
भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार यह अधिनियम 6 अगस्त 2026 से प्रभावी हो गया है। इसके लागू होने के साथ ही राज्य की जनजातीय समुदायों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की दिशा में कदम बढ़ा है और विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्समायोजन तथा आरक्षण की प्रक्रिया का रास्ता खुल गया है।
इस फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इसे सरकार का पूरा किया गया वादा बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह अधिनियम अनुसूचित जनजाति समुदायों को लंबे समय से अपेक्षित न्याय और राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री ने इस कानून को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के साथ ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को भी आगे बढ़ाता है।















