भोपाल, 8 अगस्त।
पुराने शहर के मोती मस्जिद चौराहे पर लंबे समय से लगी बैरिकेडिंग को लेकर व्यापारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शनिवार को भोपाल सांसद आलोक शर्मा के नेतृत्व में व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात कर बैरिकेडिंग तत्काल हटाने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि बैरिकेडिंग के कारण चौक बाजार, लखेरापुरा, सराफा, जुमेराती, बुधवारा और इब्राहिमपुरा जैसे प्रमुख बाजारों तक वाहनों की सीधी पहुंच बाधित हो गई है। ग्राहकों और व्यापारियों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। मोती मस्जिद और उसके आसपास के सभी ठेले वाले और अतिक्रमण को हटाकर क्लियर करवाया जाए।
इससे पहले शुक्रवार को चौक बाजार और लखेरापुरा के व्यापारियों ने मोती मस्जिद के बाहर प्रदर्शन कर आंशिक बंद रखा था। व्यापारियों ने तिरंगा लेकर बैरिकेडिंग हटाने की मांग की और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। इसके बाद कुछ व्यापारियों ने विधायक आतिफ अकील के साथ भी पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की थी।
दमकल पहुंचने में देरी का भी मुद्दा उठा
व्यापारियों ने 31 जुलाई को चौक बाजार की एक कपड़े की दुकान में लगी आग का हवाला देते हुए कहा कि बैरिकेडिंग और बदली हुई यातायात व्यवस्था के कारण दमकल को मौके तक पहुंचने में परेशानी हुई। व्यापारियों का कहना है कि बाजारों में आपात स्थिति के दौरान दमकल और एंबुलेंस जैसी सेवाओं की सीधी पहुंच बेहद जरूरी है।
व्यापारियों के अनुसार राजा भोज सेतु की ओर से आने वाले वाहनों को सदर मंजिल और चिरायु अस्पताल की ओर से लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। इससे थोक खरीदारों और आम ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन आगे भी जारी रखा जाएगा।
तत्काल हटाने पर फैसला नहीं
बैरिकेडिंग हटाने की मांग पर पुलिस ने फिलहाल कोई तत्काल निर्णय नहीं लिया है। एसीपी ट्रैफिक विजय दुबे के अनुसार बैरिकेडिंग हटाने या बनाए रखने का फैसला जिला रोड सेफ्टी कमेटी करेगी। इसके लिए सड़क और यातायात विशेषज्ञों की राय ली जाएगी।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने भी व्यापारियों से चर्चा के बाद कहा कि विशेषज्ञों का समूह बुलाकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। विशेषज्ञों की राय के आधार पर यातायात को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
कब हटेगी बैरिकेडिंग, अभी तय नहीं
फिलहाल मोती मस्जिद चौराहे की बैरिकेडिंग हटाने की कोई निश्चित तारीख या समय-सीमा घोषित नहीं की गई है। प्रशासन का कहना है कि निर्णय केवल व्यापारियों की मांग के आधार पर नहीं, बल्कि यातायात सुरक्षा और पूरे क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। अब व्यापारियों की नजर विशेषज्ञों की रिपोर्ट और जिला रोड सेफ्टी कमेटी के निर्णय पर है।
2020 में तत्कालीन कलेक्टर ने जारी किया था एकांगी मार्ग का आदेश
तत्कालीन कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने 17 जून 2020 को आदेश जारी कर पुराने भोपाल के आठ प्रमुख मार्गों को एकांगी घोषित किया था। इसमें रेतघाट-मोती मस्जिद, सदर मंजिल, चिरायु गली, पीरगेट, इमामबाड़ा चौकी, जुमेराती रोड, भवानी चौक और लक्ष्मी टॉकीज रोड सहित अन्य मार्ग शामिल थे। आदेश में वन-वे व्यवस्था से पहले संकेतक बोर्ड, डिवाइडर और बैरिकेडिंग लगाने तथा यातायात सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। आदेश की प्रतियां नगर निगम, पुलिस और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी भेजी गई थीं।















