भारत, 8 अगस्त।
यूपीआई भुगतान को लेकर पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने स्थिति स्पष्ट की है। परिषद के अनुसार, उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई लेनदेन पहले की तरह निशुल्क जारी रहेगा। देश का कोई भी व्यक्ति तत्काल डिजिटल भुगतान करने के लिए कोई लेनदेन शुल्क नहीं देगा। छोटे व्यापारियों से भी डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए शुल्क नहीं लिया जाएगा।
परिषद ने बताया कि बैंक, वित्तीय तकनीक कंपनियां, एनपीसीआई और आरबीआई यूपीआई व्यवस्था को भरोसेमंद बनाए रखने के लिए तकनीक, साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकने और नवाचार में लगातार निवेश कर रहे हैं। बढ़ते लेनदेन के बीच इन क्षेत्रों में निवेश जरूरी बना रहेगा।
परिषद ने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापारियों से संबंधित कोई मर्चेंट सेवा शुल्क लागू होने पर वह व्यापारियों और भुगतान सेवा प्रदाताओं के बीच व्यावसायिक व्यवस्था होती है। इसका अर्थ यह नहीं है कि उपभोक्ताओं को डिजिटल भुगतान के लिए शुल्क देना होगा। परिषद ने कहा कि यूपीआई अब देश के महत्वपूर्ण डिजिटल ढांचे का हिस्सा बन चुका है और इसका रोजाना बड़ी संख्या में लोग उपयोग कर रहे हैं।
लेनदेन की संख्या लगातार बढ़ने के साथ सुरक्षा, व्यवस्था की मजबूती, नवाचार, धोखाधड़ी रोकथाम और बुनियादी ढांचे में निरंतर निवेश जरूरी रहेगा, ताकि यूपीआई आने वाले वर्षों में भी उपभोक्ताओं और कारोबारियों के लिए भरोसेमंद बना रहे।















