काठमांडू, 8 अगस्त।
नेपाल सरकार ने पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए वेलनेस पर्यटन की राष्ट्रीय रणनीति 2026-2035 और पांच वर्षीय कार्ययोजना 2026-2030 जारी की है। इसका उद्देश्य नेपाल को विविध और उच्चस्तरीय वेलनेस पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना है।
संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय की योजना के अनुसार देश के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों की विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष वेलनेस हब तैयार किए जाएंगे। काठमांडू को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
राजधानी में विरासत आधारित योग केंद्र, बौद्ध ध्यान केंद्र और पारंपरिक स्पा सेवाओं को एक साथ उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है। सरकार का मानना है कि नेपाल की प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता, आध्यात्मिक विरासत और पारंपरिक उपचार पद्धतियां इस क्षेत्र के विकास का मजबूत आधार हैं।
रणनीति में वेलनेस सेवाओं को एकीकृत करने, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा तैयार करने, सेवाओं का प्रमाणीकरण करने तथा प्रशिक्षित जनशक्ति विकसित करने पर जोर दिया गया है। इससे नेपाल को अंतरराष्ट्रीय स्तर की वेलनेस सेवाओं के केंद्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है।
नेपाल लंबे समय से ऋषियों, योगियों और साधकों की साधना भूमि रहा है। हिमालयी वातावरण, औषधीय वनस्पतियां तथा बौद्ध और हिंदू दर्शन से जुड़ी प्राचीन साधना पद्धतियां इसे मानसिक शांति और शारीरिक पुनर्जीवन के लिए विशिष्ट बनाती हैं।
सरकार के अनुसार इसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संस्थागत और व्यावसायिक रूप देने में नई रणनीति महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसके साथ पर्यटन में मौसम पर निर्भरता घटाने और पर्यटकों के ठहराव तथा खर्च को बढ़ाने का भी प्रयास होगा।
योजना के तहत पर्यटकों के लिए कई नए वेलनेस पैकेज तैयार किए जाएंगे। बहुदिवसीय ट्रेकिंग में योग और ध्यान को शामिल कर वेलनेस ट्रेकिंग सर्किट विकसित करने का प्रस्ताव है।
बौद्ध विहारों में आवासीय कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यटकों को बौद्ध दर्शन और माइंडफुलनेस का अभ्यास कराने के लिए मोनास्ट्री मेडिटेशन रिट्रीट्स विकसित किए जाएंगे।
हिमालयी जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित सात से 14 दिन के पंचकर्म डिटॉक्स रिट्रीट भी तैयार किए जाएंगे। इनके माध्यम से नेपाल को किफायती और गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक उपचार तथा वेलनेस केंद्र के रूप में स्थापित करने की योजना है।
नेपाली पारंपरिक सिंगिंग बाउल, रेकी और आदिवासी झांकरी परंपरा से जुड़ी पद्धतियों पर आधारित साउंड एंड एनर्जी हीलिंग अनुभव भी विकसित किए जाएंगे। इन पारंपरिक पद्धतियों को व्यवस्थित तरीके से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के सामने पेश करने की योजना है।
मौसम के अनुसार भी अलग-अलग कार्यक्रम तैयार करने का प्रस्ताव है। वर्षा ऋतु में डिटॉक्स, सर्दियों में थर्मल और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले कार्यक्रम, वसंत में नवीकरण और पुनर्जीवन तथा शरद ऋतु में कृतज्ञता केंद्रित वेलनेस कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
सरकार का लक्ष्य नेपाल के पर्यटन को केवल पर्वतारोहण, ट्रेकिंग और सांस्कृतिक यात्राओं तक सीमित न रखकर योग, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक उपचार, आध्यात्मिकता और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अनुभवों तक विस्तार देना है। इससे नेपाल को पूरे साल पर्यटकों को आकर्षित करने वाले बहुआयामी वेलनेस गंतव्य के रूप में विकसित करने की उम्मीद है।















