चंडीगढ़, 08 अगस्त।
हरियाणा में नगर पालिका कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब शहरों की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। राज्य के 87 निकायों में सफाई समेत कई नागरिक सेवाएं प्रभावित हैं और शुक्रवार तक करीब 3 हजार टन कूड़ा नहीं उठाया जा सका। बारिश के कारण कई जगह कचरे से बदबू फैलने लगी है। कर्मचारी संगठन ने हड़ताल आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
नगर पालिका कर्मचारी संघ और अग्निशमन कर्मचारी यूनियन से जुड़े कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सफाई, सीवर, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी सेवाएं प्रभावित होने का दावा किया गया है। संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री के मुताबिक, 45 हजार से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। शनिवार को राज्य कमेटी की बैठक में आंदोलन आगे बढ़ाने पर फैसला लिया जाएगा।
क्या हैं कर्मचारियों की मांगें
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि 13 मई को सरकार के साथ हुई वार्ता में 17 मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन छह अगस्त को जारी पत्र में इन मांगों को शामिल नहीं किया गया। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ठेका प्रथा खत्म करना, कच्चे कर्मचारियों को नियमित करना और समान काम के लिए समान वेतन देना शामिल है।
संघ ने सीवर, सफाई और अग्निशमन कर्मचारियों के लिए 5 हजार रुपये मासिक जोखिम भत्ता, ईपीएफ-ईएसआई समेत वैधानिक सुविधाएं, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती और पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग भी रखी है।
कैथल में भी सफाई कर्मचारी तीसरे दिन हड़ताल पर रहे और नगर परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो आंदोलन और आगे बढ़ाया जाएगा।हरियाणा में नगर निकाय कर्मचारियों का मौजूदा आंदोलन 13 मई 2026 को सरकार और कर्मचारी संघ के बीच हुई सहमति के लागू न होने को लेकर शुरू हुआ है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों का नियमितीकरण, ठेका प्रथा खत्म कर उन्हें विभाग के रोल पर लेना और सफाई कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देना शामिल है। हड़ताल का असर कई शहरों की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। कैथल में करीब 600 सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से सड़कों पर बड़ी मात्रा में कचरा जमा होने की रिपोर्ट सामने आई है।















