नई दिल्ली, 10 अगस्त।
विश्व सिंह दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत में एशियाई शेरों की आबादी तेजी से फल-फूल रही है। शेरों का प्राकृतिक आवास और उनका विस्तार क्षेत्र भी लगातार बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के लिखे लेख को साझा करते हुए वन्यजीव संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि संरक्षण प्रयासों के साथ समुदायों की मजबूत भागीदारी देश के वन्यजीवों की रक्षा और इस प्रजाति को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखने का प्रेरक उदाहरण है।
भूपेंद्र यादव के लेख में बताया गया है कि वर्ष 2020 में शेरों का विस्तार क्षेत्र करीब 30 हजार वर्ग किलोमीटर था। अब यह बढ़कर लगभग 35 हजार वर्ग किलोमीटर हो गया है और 11 जिलों तक फैल चुका है।
लेख के अनुसार, भारत ने पिछले 10 वर्षों में शेर संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2015 में देश में शेरों की संख्या 523 थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 891 हो गई।
प्रधानमंत्री ने शेरों की बढ़ती संख्या और उनके विस्तार क्षेत्र में वृद्धि को देश के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों की सफलता के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने संरक्षण के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों और सामुदायिक भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।















