नई दिल्ली, 10 अगस्त।
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की जगतार सिंह हवाड़ा के लिए पैरोल की मांग ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी हवाड़ा की मां की खराब तबीयत का हवाला देते हुए मान ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर 10 दिन की पैरोल देने की मांग की है।
इस मांग को लेकर राजनीतिक समीकरण भी दिलचस्प नजर आए। भाजपा नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह तथा बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू ने भगवंत मान की मांग का समर्थन किया है। वहीं, अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आम आदमी पार्टी सरकार पर इस मामले में दोहरे रवैये का आरोप लगाया है।
अवैध खनन पर कांग्रेस के दोनों गुट साथ
पंजाब कांग्रेस में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी के गुटों के बीच राजनीतिक खींचतान जारी है। हालांकि, आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने के लिए दोनों गुट अवैध खनन के मुद्दे पर एक साथ दिखाई दिए। शनिवार को कांग्रेस नेताओं ने जालंधर में सतलुज नदी के पास कथित अवैध खनन वाली जगह का दौरा किया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बेरोक-टोक अवैध खनन हो रहा है, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को खारिज किया है।
मान ने फिर सरकार बनाने पर खजाना खोलने का वादा किया
रविवार को भगवंत मान ने जालंधर के डेरा सचखंड बल्लां में गुरु रविदास वाणी अध्ययन केंद्र का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का बचाव करते हुए कहा कि सरकारी खजाने पर जनता का अधिकार है। उन्होंने जनता से दोबारा मौका मिलने पर उसके लिए सरकारी खजाना खोलने का वादा किया।















