हाईप्रोफाइल दतिया चुनाव में दोनों प्रमुख दलों के भीतर शिकवा-शिकायतों का दौर खूब चला। नतीजे आए तो दोनों तरफ हार-जीत का हिसाब शुरू हुआ और अब समितियां बैठाकर जिम्मेदारों की तलाश हो रही है।कार्रवाई भी शुरू हो गई है, लेकिन असली तलाश जयचंदों की है। मजेदार बात यह है कि दोनों दल अपने-अपने जयचंद खोज रहे हैं, बस फर्क इतना है कि हर दल को अपने जयचंद दूसरे दल में दिखाई दे रहे हैं।















