धार, 10 अगस्त।
सावन के दूसरे सोमवार को धार में मातृशक्ति की विशाल कांवड़ यात्रा निकाली गई। मातृशक्ति संगठन के तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने कांवड़ लेकर सहभागिता की। लालबाग से शुरू हुई यात्रा के दौरान ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से शहर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कांवड़ यात्रा का आयोजन संयोजक अनिल जैन बाबा और मातृशक्ति संगठन की अध्यक्ष पप्पी मकवाना के नेतृत्व में किया गया। पारंपरिक धार्मिक वातावरण के बीच महिलाएं कांवड़ लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ीं। शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए यात्रा धारेश्वर महादेव मंदिर पहुंची।
मंदिर पहुंचने के बाद विधि-विधान से कांवड़ यात्रा का समापन किया गया। यहां महिलाओं ने प्रयागराज के त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल से भगवान धारेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। समापन के बाद प्रसादी के रूप में खिचड़ी वितरित की गई।
यात्रा के दौरान शहर में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया। लोगों ने पुष्पवर्षा कर महिलाओं का अभिनंदन किया। कई जगह जल सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गईं।
कांवड़ यात्रा में महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। धार्मिक आस्था के साथ मातृशक्ति की सहभागिता ने शहर में सामाजिक एकजुटता और सनातन परंपराओं के प्रति श्रद्धा का संदेश दिया।
धार में सावन के दौरान धारेश्वर महादेव मंदिर धार्मिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र रहता है। जिला प्रशासन के अनुसार यह प्राचीन शिव मंदिर परमार काल से जुड़ा है और सावन में यहां भक्त बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। इस वर्ष सावन के दूसरे सोमवार को धार में मातृशक्ति ने कांवड़ यात्रा निकाली और त्रिवेणी संगम के जल से भगवान शिव का अभिषेक किया। प्रयागराज का संगम गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के मिलन का पवित्र स्थल माना जाता है।















