नई दिल्ली, 10 अगस्त।
राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाले भारतीय मुक्केबाज नरेंदर बरवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक अनूठी मुलाकात के दौरान अपने जीवन का एक मजेदार किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे साल 2015 के विश्व सैन्य खेलों में पाकिस्तानी खिलाड़ी को मात देने के बाद उसे अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा था।
बरवाल के मुताबिक उस मुकाबले के बाद विपक्षी खिलाड़ी ने हैरान होकर कहा था कि उनके नाम से लेकर कोच और देश के प्रधानमंत्री तक सबका एक ही नाम होने के कारण उसे इस शब्द से ही नफरत हो गई है। यह घटना सामने आते ही वहां मौजूद सभी लोग हंसी से लोटपोट हो गए।
इस दौरान ग्लासगो में आयोजित प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए कुल दस पदक जीतकर इतिहास रच दिया। देश के लिए यह सफलता बेहद गौरवशाली रही है क्योंकि टीम ने मुक्केबाजी में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया है।
इन रोमांचक खेलों के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद स्कॉटलैंड ने आधिकारिक बैटन भारत को सौंप दिया है और अब वर्ष 2030 में अहमदाबाद इस महाकुंभ के ऐतिहासिक शताब्दी संस्करण की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है।















