नई दिल्ली, 11 अगस्त।
थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान एआई-2379 में 4 अगस्त को हुई तेज टर्बुलेंस की घटना की जांच को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। विमान में अचानक आई भीषण हलचल के कारण 17 यात्री घायल हुए थे। मामले में नागर विमानन मंत्रालय ने एयर इंडिया के निवर्तमान मुख्य कार्यपालक अधिकारी कैंपबेल विल्सन और टाटा संस के कार्यकारी सलाहकार प्रदीप सिंह खरोला को पूछताछ के लिए तलब किया है।
मंगलवार को नागर विमानन मंत्रालय में इस मामले को लेकर आपात बैठक बुलाई गई। नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने बैठक में एयर इंडिया के अधिकारियों से घटना और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीधे जवाब मांगा। बैठक में एयर इंडिया के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन, टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के कार्यकारी सलाहकार और पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला तथा एयर इंडिया के उड़ान सुरक्षा प्रमुख दीपक जोशी मौजूद रहे।
सरकार की ओर से नागर विमानन महानिदेशालय के महानिदेशक वीर विक्रम यादव और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो के महानिदेशक जीवीजी युगंधर भी बैठक में शामिल हुए। बैठक में हुई चर्चा का विस्तृत ब्योरा आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है। हालांकि, इस दौरान एयर इंडिया की सुरक्षा और परिचालन व्यवस्था की व्यापक समीक्षा किए जाने की जानकारी सामने आई है।
बैठक के बाद एयर इंडिया के निवर्तमान सीईओ कैंपबेल विल्सन ने नागर विमानन मंत्रालय और नागर विमानन महानिदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। वहां से निकलते समय उन्होंने बताया कि अधिकारियों को जांच की स्थिति से संबंधित जानकारी दी जा रही थी। उन्होंने इस मामले में विस्तृत जानकारी देने की जिम्मेदारी नागरिक उड्डयन मंत्री पर छोड़ी।
एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली उड़ान एआई-2379 में अचानक तेज टर्बुलेंस आने के बाद विमान करीब 300 फीट नीचे तक गिर गया था। इस घटना में कम से कम 17 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। मामले में विमान के पायलट के दोबारा कराए गए डोप परीक्षण की रिपोर्ट भी सकारात्मक आई है।















