भोपाल, 11 अगस्त।
भोपाल संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत संभाग के सभी जिलों में शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्धारित लक्ष्यों को गंभीरता से लेते हुए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाए, ताकि जनजातीय वर्ग को शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके और अभियान के निर्धारित उद्देश्यों को समयसीमा में हासिल किया जा सके।
संभागायुक्त शर्मा मंगलवार को कमिश्नर कार्यालय में अभियान की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में संयुक्त आयुक्त डॉ. विनोद यादव, जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति विकास के संयुक्त संचालक प्रेमशंकर पांडेय, स्कूल शिक्षा के संयुक्त संचालक धर्मेंद्र शर्मा, महिला एवं बाल विकास के संयुक्त संचालक हरिकृष्ण शर्मा सहित संबंधित संभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
संभागायुक्त ने कहा कि अभियान का प्रमुख उद्देश्य आदिवासी बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका से जुड़ी कमियों को दूर करना है। जनजातीय समुदाय के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए भोपाल संभाग के सभी जिलों में 17 विभागों की विभिन्न योजनाओं को अभियान से जोड़ा गया है। इन योजनाओं के माध्यम से चयनित गांवों के पात्र लोगों को शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भोपाल संभाग को अभियान के क्रियान्वयन में प्रथम स्थान पर लाने के लिए संभाग स्तर पर विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके साथ ही जिलों में विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमें चयनित गांवों का दौरा कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का मौके पर सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि केवल कागजी प्रगति के बजाय योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक में जनजातीय कार्य विभाग के संयुक्त संचालक प्रेमशंकर पांडेय ने अभियान के तहत चयनित गांवों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भोपाल जिले में एक, विदिशा में 86, सीहोर में 80, रायसेन में 92 और राजगढ़ में 18 गांवों को अभियान के लिए चुना गया है। इन गांवों में 17 विभागों की योजनाओं को एक साथ लागू किया जा रहा है।
बैठक में बताया गया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत भोपाल में दो, विदिशा में 11, सीहोर में चार, रायसेन में 92 और राजगढ़ में 18 नई सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। चयनित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास भी स्वीकृत किए गए हैं।
किसान कल्याण एवं कृषि विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने, उत्पादन बढ़ाने और आत्मनिर्भर खेती की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए उन्नत कृषि तकनीक, बेहतर गुणवत्ता वाले बीज, प्राकृतिक खेती और सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पशुपालन विभाग की बकरी पालन योजना के तहत प्रत्येक जिले में 25 चयनित हितग्राहियों को जमुनापारी, सिरोही या बारबरी नस्ल की पांच-पांच बकरियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
दूरसंचार विभाग द्वारा रायसेन जिले के 65 गांवों को दूरसंचार सुविधा से जोड़ने के लिए नए टावर स्थापित किए जा रहे हैं। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग की ओर से स्किल इंडिया मिशन के तहत युवाओं को अलग-अलग रोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
संभागायुक्त शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि अभियान में शामिल सभी विभाग अपनी योजनाओं को आपस में जोड़कर जनजातीय गांवों के समग्र विकास की दिशा में काम करें। गांवों में सड़क, पक्के मकान, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ सिकल सेल जांच एवं परामर्श की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ जनजातीय परिवारों के लिए आजीविका और उद्यमिता के अवसर तैयार करने पर भी ध्यान दिया जाए। विभिन्न विभागों की योजनाओं का समन्वित क्रियान्वयन कर तय समयसीमा में संभाग के सभी जिलों को धरती आबा अभियान के लक्ष्यों के अनुरूप संतृप्त करने के लिए अधिकारियों को योजनाबद्ध तरीके से काम करने के निर्देश दिए गए।















