मॉस्को, 11 अगस्त।
रूस के विदेश मंत्रालय के एम्बेसडर-एट-लार्ज रोडियन मिरोशनिक ने कहा है कि यूक्रेनी ड्रोन के हिस्सों और प्रमुख उपकरणों की आपूर्ति करने वाले देशों में ब्रिटेन, जर्मनी, स्वीडन और कनाडा प्रमुख हैं।
मिरोशनिक के अनुसार, ब्रिटेन बिना पायलट वाले हवाई वाहनों की मुख्य इकाइयों और उनके हिस्सों की आपूर्ति करने वाला सबसे सक्रिय देश है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन ड्रोन का इस्तेमाल आम लोगों के खिलाफ हमलों में किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जर्मनी बड़ी मात्रा में हथियार उपलब्ध करा रहा है और स्वीडन भी इस आपूर्ति में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मिरोशनिक ने यह भी स्पष्ट किया कि बताई गई सूची पूरी नहीं है।
उनके मुताबिक, ये देश सार्वजनिक रूप से भी कीव को बिना पायलट वाले हवाई वाहन देने की बात स्वीकार करते रहे हैं। रूस का दावा है कि ऐसे ड्रोन हमलों में निज़नेकाम्स्क और बेलगोरोड में आम लोगों की मौत हुई है।
सोमवार को तातारस्तान के प्रमुख रुस्तम मिन्निखानोव ने बताया था कि निज़नेकाम्स्क में यूक्रेन की ओर से ड्रोन हमला किया गया। उनके अनुसार, हमले में औद्योगिक और नागरिक दोनों तरह के ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, हमले में एक बच्चे समेत 13 लोगों की मौत हुई और 75 लोगों को चिकित्सकीय सहायता लेनी पड़ी। इनमें से 21 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हमले के बाद तातारस्तान में एक दिन का शोक घोषित किया गया। रूसी जांच समिति ने मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। बाद में मिन्निखानोव के कार्यालय ने बताया कि मृतकों में उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान के नागरिक भी शामिल थे।
रूस का आरोप है कि यूक्रेन को हथियारों की लगातार आपूर्ति से शांति स्थापित करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और इससे नाटो देश सीधे संघर्ष में शामिल हो रहे हैं। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि यूक्रेन के लिए आने वाली हथियारों की किसी भी खेप को रूस उचित निशाना मानता है।















