नई दिल्ली, 11 अगस्त।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को साझा किए गए सुभाषितम् के माध्यम से जीवन को बेहतर बनाने और चरित्र को मजबूत करने वाले आठ गुणों का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि ये आठ गुण व्यक्ति के जीवन को प्रकाशमान करते हैं और उसके व्यक्तित्व को निखारते हैं। इनमें ज्ञान, अच्छा आचरण और आत्म-संयम को विशेष महत्व दिया गया है।
उन्होंने कहा कि ज्ञान व्यक्ति को सही दिशा दिखाता है, वहीं अच्छा व्यवहार उसके चरित्र को शुद्ध बनाए रखता है। आत्म-संयम व्यक्ति को अनुशासन में रहने की क्षमता देता है।
सुभाषितम् में बताए गए गुणों में समझ और साहस का भी उल्लेख है। समझ व्यक्ति को परिस्थितियों को बेहतर तरीके से जानने में सहायता करती है, वहीं साहस कठिन समय में मजबूती से टिके रहने का आधार बनता है।
इसके अलावा कुशल वाणी को भी महत्वपूर्ण गुण बताया गया है। प्रभावी और उचित बोलने की क्षमता व्यक्ति को समाज में सम्मान दिलाने में सहायक होती है।
प्रधानमंत्री ने अपनी क्षमता के अनुसार दान करने को भी जीवन को पूर्ण बनाने वाला गुण बताया। इसके साथ ही दयालुता और उपकार के प्रति कृतज्ञ रहने की भावना को भी महत्वपूर्ण माना गया है।
उन्होंने कहा कि ये सभी गुण मिलकर व्यक्ति के चरित्र और जीवन को बेहतर बनाते हैं। ज्ञान, सदाचार, संयम, समझ, साहस, मधुर वाणी, दान और कृतज्ञता को जीवन में अपनाने से व्यक्तित्व अधिक समृद्ध बनता है।















