भोपाल, 11 अगस्त।
मध्य प्रदेश सरकार किसानों की जमीन और उनके हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकारी योजनाओं या विकास कार्यों के लिए कृषि भूमि का अधिग्रहण किए जाने की स्थिति में किसानों को भूमि के बदले चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन को सुरक्षित रखने की अपील करते हुए कहा कि कृषि भूमि परिवार के भरण-पोषण का आधार है।
मुख्यमंत्री मंगलवार शाम मंत्रालय से भोपाल की करौंद कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार खेती और किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कृषि भूमि को महत्वपूर्ण बताते हुए किसानों से इसे अनावश्यक रूप से नहीं बेचने की अपील की।
डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के खेत सरकार के लिए देवस्थल के समान हैं और उनकी मेहनत से पैदा होने वाला प्रत्येक दाना महत्वपूर्ण है। किसानों के परिश्रम और उनके योगदान का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव किसानों की मेहनत, समर्पण और कृषि क्षेत्र में उनकी भूमिका को सम्मान देने का अवसर है।
मुख्यमंत्री ने महोत्सव में मौजूद किसानों से बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि किसानों की खुशहाली सरकार के लिए सबसे बड़ी खुशी है। उन्होंने किसानों से उत्साह के साथ बलराम कृषि महोत्सव में भाग लेने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। पिछले 26 दिनों में यह प्रदेश में आयोजित होने वाला 14वां महोत्सव है। उन्होंने कहा कि जल्द ही भोपाल मुख्यालय में भी बड़े स्तर पर कृषि महोत्सव आयोजित किया जाएगा।
डॉ. यादव ने किसानों की आर्थिक सुरक्षा के लिए शुरू की गई कवच योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से सहकारी खातों से जुड़ी पुरानी गड़बड़ियों को दूर कर पांच हजार किसानों को ऋण और विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया गया है। योजना में किसानों को बिना ब्याज ऋण देने के साथ उसे चुकाने के लिए पूरे 12 महीने का समय देने की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश का किसान अपने परिश्रम के दम पर प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। प्रदेश दलहन उत्पादन में देश में दूसरे, तिलहन उत्पादन में दूसरे और दुग्ध उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। जैविक खेती और जैविक कपास के उत्पादन में मध्य प्रदेश देश में अग्रणी है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आमदनी के स्रोत बढ़ाने, खेती की लागत कम करने तथा तकनीक और नवाचार के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने, उद्यानिकी का रकबा 30 लाख हेक्टेयर करने और 10 हजार नई सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से फसल विविधीकरण अपनाने तथा उद्यानिकी और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने पशुपालन और मछली पालन को भी आय के अतिरिक्त साधन के रूप में अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेती को केवल अन्न उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय उसे प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन से जोड़कर किसानों के लिए आय के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
बलराम कृषि महोत्सव में स्थानीय विधायक विष्णु खत्री, तीरथ सिंह मीणा, गोपाल सिंह मीणा, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। विधायक रामेश्वर शर्मा और अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में सहभागिता की।















