इंडोनेशिया, 11 अगस्त।
इंडोनेशिया के जावा द्वीप स्थित ब्रोमो टेंगर सेमेरू राष्ट्रीय उद्यान में लगी जंगल की आग पर दमकलकर्मियों ने काफी हद तक काबू पा लिया है। हालांकि, पर्यटन क्षेत्र के कई हिस्सों में अब भी आग के हॉटस्पॉट सक्रिय हैं और उन्हें बुझाने का काम जारी है।
पिछले सप्ताह शुरू हुई इस आग से मंगलवार तक राष्ट्रीय उद्यान में करीब 900 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हो चुका था। इसमें सूखी घास, वनस्पति और संरक्षित एडेलवाइस फूलों को नुकसान पहुंचा है।
प्रभावित क्षेत्र में माउंट ब्रोमो का ज्वालामुखीय इलाका भी शामिल है, जो इंडोनेशिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। आग को संरक्षण क्षेत्र में फैलने से रोकने के लिए इसे पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।
उद्यान के वाटांगन, अर्गोवुलान, डिंगक्लिक-पाकिस और बिंसिल-मुंगल इलाकों में सक्रिय हॉटस्पॉट बने हुए हैं। इन्हें नियंत्रित करने के लिए जमीन पर अभियान के साथ हवाई अभियान भी चलाया जा रहा है।
यह आग इंडोनेशिया में सूखे के मौसम के दौरान बढ़ रही व्यापक वनाग्नि की समस्या के बीच सामने आई है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, सोमवार तक छह आग प्रभावित प्रांतों में करीब 48,900 हेक्टेयर पीटलैंड जल चुका था। इनमें बोर्नियो द्वीप का पश्चिमी कालीमंतन सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रहा।
प्रांतीय राजधानी पोंटियानक में हवा की गुणवत्ता खराब स्तर पर पहुंचने के बाद स्कूलों में आमने-सामने की कक्षाएं रोक दी गईं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने श्वसन संबंधी बीमारियों में भी बढ़ोतरी दर्ज की है।
सरकार ने सुमात्रा और बोर्नियो में वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए अभियान तेज किया है। इसके तहत पानी बरसाने वाले हेलीकॉप्टर और निगरानी विमानों समेत 35 से अधिक विमानों को तैनात किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, पीटलैंड में जमीन के नीचे आग लंबे समय तक सुलगती रह सकती है और पूरी तरह न बुझने पर दोबारा भड़क सकती है। ऐसी आग से घना धुआं निकलता है, जिससे वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ते हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, उपग्रह तस्वीरों में इस महीने कई दिनों तक पश्चिमी कालीमंतन से धुआं पड़ोसी मलेशिया की ओर बढ़ता दिखाई दिया। इंडोनेशिया में जंगल और पीटलैंड की आग हर साल बड़ी समस्या बनती है और इसका असर आसपास के देशों तक पहुंचता है।
अधिकारियों के मुताबिक, ऐसी आग अक्सर जमीन साफ करने के लिए अवैध रूप से आग लगाने या पारंपरिक खेती के दौरान जलाने से शुरू होती है। माउंट ब्रोमो की आग पर काफी हद तक नियंत्रण के बाद भी वहां और इंडोनेशिया के अन्य प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान जारी है।















