मॉस्को, 11 अगस्त।
रूस और पाकिस्तान इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर रेल के जरिए परीक्षण कार्गो भेजने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए दोनों देश मार्ग, माल के प्रकार, शुल्क और डिलीवरी समय जैसी जरूरी शर्तों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
दोनों देशों के रेलवे प्रशासन ने परीक्षण खेप के लिए जरूरी ढांचा तैयार कर लिया है। अब परीक्षण शिपमेंट की शर्तों को तय करने का काम चल रहा है। इसके तहत यह तय किया जा रहा है कि माल किस मार्ग से जाएगा, किस तरह का कार्गो भेजा जाएगा और उस पर कितना शुल्क लगेगा।
इस परीक्षण से कॉरिडोर की तैयारियों को परखने में मदद मिलेगी। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्गो स्थानांतरण की प्रक्रिया और तकनीक को बेहतर बनाने का मौका मिलेगा।
परीक्षण शिपमेंट की तारीख पाकिस्तान और उन पारगमन देशों के साथ बातचीत के बाद तय की जाएगी, जिनके क्षेत्र से यह मार्ग होकर गुजरेगा।
इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर सेंट पीटर्सबर्ग से भारत के मुंबई बंदरगाह तक करीब 7,200 किलोमीटर लंबा बहु-माध्यम परिवहन मार्ग है। इसके तीन प्रमुख मार्ग हैं, जिनमें ट्रांस-कैस्पियन मार्ग में रेलवे और बंदरगाहों का इस्तेमाल होता है, वहीं पश्चिमी और पूर्वी मार्ग जमीन के रास्ते से जुड़े हैं।
मई 2023 में रूस और ईरान ने कॉरिडोर के पश्चिमी मार्ग के अंतिम जरूरी रेल खंड रश्त-अस्तारा को पूरा करने के लिए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे। ईरान में बनने वाले इस रेल खंड की कुल लागत 1.85 अरब डॉलर है। इसमें 1.5 अरब डॉलर रूस देगा और बाकी राशि ईरान वहन करेगा।















