पौड़ी, 12 अगस्त।
प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने यह दो टूक कहा है कि धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का चहुंमुखी विकास करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शुमार है। इन विशिष्ट स्थलों के आधुनिकीकरण और बेहतर सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय निवासियों को सहूलियत मिलने के साथ-साथ क्षेत्र के भीतर पर्यटन गतिविधियों को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए-नए विकल्प सृजित होंगे।
मंत्री महोदय ने बीते मंगलवार की देर संध्या पैठाणी क्षेत्र का दौरा कर वहां चल रहे विभिन्न विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने पैठाणी स्थित ऐतिहासिक राहु मंदिर परिसर में जारी सौंदर्यीकरण व निर्माण कार्यों, कंडारस्यूं पेयजल योजना तथा प्रसिद्ध बूंखाल कालिंका मंदिर के नवनिर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
राहु मंदिर परिसर के निरीक्षण के दौरान मंत्री ने स्पष्ट रूप से यह हिदायत दी कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए। मंदिर परिसर के सुव्यवस्थित विकास से दर्शनार्थियों को उत्तम सुविधाएं प्राप्त होंगी और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को पंख लगेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर आजीविका और रोजगार के नवीन अवसर भी पैदा होंगे।
कंडारस्यूं पेयजल योजना का निरीक्षण करते वक्त उन्होंने संबंधित अधिकारियों से योजना की अद्यतन स्थिति की पूरी जानकारी प्राप्त की और सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार का मुख्य संकल्प है।
उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि कंडारस्यूं पेयजल योजना के पूर्ण हो जाने पर इस क्षेत्र के 45 गांव-तोकों में रहने वाले दो हजार से अधिक परिवारों और दस हजार से ज्यादा की आबादी को साफ पेयजल की सुविधा मय्यर हो सकेगी। इससे क्षेत्रवासियों को पेयजल किल्लत से काफी हद तक स्थाई राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
इसके उपरांत कैबिनेट मंत्री ने बूंखाल कालिंका मंदिर पहुंचकर मां कालिंका के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न की। उन्होंने मंदिर के नवनिर्माण कार्यों का निरीक्षण कर उसकी प्रगति की समीक्षा की तथा कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता और तय मानकों का पूर्ण पालन करते हुए निर्माण गतिविधि में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।
डॉ. रावत ने यह दोहराया कि क्षेत्र में विकास कार्यों को निरंतर गति प्रदान करने के साथ-साथ सभी धार्मिक और पर्यटन स्थलों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे स्थानीय जनता को बेहतरीन सुविधाएं मिलने के साथ पर्यटन क्षेत्र और रोजगार के अवसरों में भारी इजाफा दर्ज किया जाएगा।















