देहरादून, 12 अगस्त।
उत्तराखंड राज्य के कई जिलों के भीतर गरज और चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने के आसार जताए गए हैं। हालांकि राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बुधवार की सुबह बादलों की ओट से धूप खिल उठी। आसमान में बादलों की आवाजाही बने रहने के कारण मौसम का मिजाज काफी सुहावना बना रहा।
बुधवार के रोज जारी किए गए मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार आज उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में अनेक स्थानों पर हल्की से लेकर मध्यम वर्षा होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा अन्य पर्वतीय जिलों में कुछेक स्थानों पर बारिश तथा हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर में छिटपुट जगहों पर बहुत हल्की वर्षा हो सकती है। पर्वतीय अंचलों में बादलों की गरज और चमक के साथ तेज बारिश होने को लेकर आम जनता को पूरी तरह सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग द्वारा आगामी 13 अगस्त को देहरादून, टिहरी, पिथौरागढ़, बागेश्वर तथा चंपावत में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार वर्षा का यह सिलसिला आगे भी निरंतर जारी रह सकता है। वहीं 14 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर एवं नैनीताल में भारी से अति भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की जा चुकी है।
मौसम विभाग ने बारिश के इस दौर के बीच संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन होने, पहाड़ी से चट्टान खिसकने, सड़क मार्ग तथा राजमार्ग बाधित होने, निचले क्षेत्रों में जलभराव होने और नदी-नालों के उफान पर आने की गहरी आशंका जताई है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें और सफर के दौरान विशेष सावधानी का पालन करें।
लगातार हो रही भारी वर्षा के चलते चमोली में 18, पिथौरागढ़ में 15, उत्तरकाशी में 12, रुद्रप्रयाग में सात, बागेश्वर में छह, देहरादून में छह, नैनीताल में चार, टिहरी में तीन और पौड़ी में दो सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हैं। हालांकि चारधाम यात्रा मार्ग और सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात सुचारู रूप से संचालित हो रहा है। ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग, तवाघाट-गुंजी मार्ग, धारचूला-तवाघाट मार्ग, मुनस्यारी-मिलम सीमा मार्ग और जोशीमठ-मलारी-नीती राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी है।
कई नदियों का बढ़ा जलस्तर:-
केंद्रीय जल आयोग की बुधवार की सुबह दस बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ दर्ज किया गया है। अलकनंदा नदी का जलस्तर 625.30 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि इसका चेतावनी स्तर 626 मीटर और खतरे का निशान 627 मीटर पर निर्धारित है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर 621.00 मीटर मापा गया, जिसका चेतावनी स्तर 623.70 मीटर और खतरे का स्तर 624.70 मीटर है। इसके अतिरिक्त यमुना नदी का जलस्तर 604.40 मीटर तथा टौंस नदी का जलस्तर 769 मीटर दर्ज किया गया है।















