नई दिल्ली, 12 अगस्त।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा का विमोचन किया। ‘भारतीय गणराज्य की विजय : मेरा जीवन, मेरे संघर्ष’ नामक यह पुस्तक श्री कोविंद के जीवन की व्यक्तिगत यात्रा को सामने रखती है। इसमें उनके शुरुआती जीवन से लेकर संघर्षों, उपलब्धियों, सार्वजनिक जीवन और देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में उनकी सेवा तक के अनुभवों का उल्लेख किया गया है। पुस्तक में उन मूल्यों, परिस्थितियों और अनुभवों की झलक मिलती है, जिन्होंने उनके जीवन और सार्वजनिक सेवा की दिशा तय की।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में रामनाथ कोविंद का मार्गदर्शन उनके लिए बड़ी शक्ति का स्रोत रहा है। उन्होंने कहा कि आत्मकथा से श्री कोविंद के जीवन, व्यक्तित्व और योगदान को समझने में मदद मिलेगी तथा यह भारतीय लोकतंत्र और समाज के लिए उनकी विरासत के रूप में भी महत्वपूर्ण होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी रामनाथ कोविंद सक्रिय रहे हैं और एक देश, एक चुनाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने युवा पीढ़ी से रामनाथ कोविंद की जीवन यात्रा को उनके अपने शब्दों में जानने और उनके लेखन व अनुभवों को पढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, बाबासाहेब आंबेडकर, ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले जैसी महान विभूतियों ने ऐसे भारत का सपना देखा था, जहां गरीब और वंचित व्यक्ति भी सर्वोच्च पदों तक पहुंच सके। मोदी ने कहा कि रामनाथ कोविंद जैसे लोगों ने अपनी मेहनत और क्षमता से न केवल अपना जीवन बदला, बल्कि सदियों पुराने इन सपनों और विचारों को साकार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
रामनाथ कोविंद ने कहा कि राजनीति केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का साधन है। उन्होंने कहा कि शिक्षा अनगिनत संभावनाओं के द्वार खोलती है और जीवन को नई दिशा तथा अनेक अवसर देती है। श्री कोविंद ने कहा कि आज प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करोड़ों लोगों को सिर पर छत उपलब्ध कराई गई है।















