ई दिल्ली, 12 अगस्त।
देश के केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बुधवार के रोज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की धरती पर ‘हर घर तिरंगा’ साइक्लिंग रैली की अगुवाई की। इस अवसर पर उन्होंने अपने विचार रखते हुए कहा कि साइकिल की सवारी करना केवल सेहत और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने का जरिया नहीं है, बल्कि यह बढ़ते हुए प्रदूषण और यातायात जैसी गंभीर समस्याओं से मुक्ति पाने में भी बेहद कारगर साबित हो सकता है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रांगण से निकाली गई इस विशाल रैली के दौरान एक हजार से अधिक मायभारत स्वयंसेवकों ने पूरी ऊर्जा के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस रैली के संपन्न होने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए डॉ. मांडविया ने जोर देकर कहा कि दिल्ली में एक हजार से अधिक मायभारत स्वयंसेवकों ने ‘हर घर तिरंगा’ साइकिल रैली के माध्यम से देशवासियों को फिटनेस का बहुत बड़ा संदेश दिया है। किसी भी राष्ट्र को एक उन्नत और विकसित राष्ट्र की श्रेणी में खड़ा करने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि वहां के तमाम नागरिक शारीरिक रूप से स्वस्थ और तंदुरुस्त रहें।
साइकिल चलाने के अनगिनत फायदों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे बताया कि साइकिल चलाना ही तंदुरुस्ती का असली संदेश है, साइकिल ही पर्यावरण प्रदूषण का एकमात्र पक्का समाधान है और साइकिल ही आज के समय में यातायात के भारी दबाव से निपटने का सबसे बेहतरीन उपाय भी है।
स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व के नजदीक आते ही आयोजित किए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत केंद्रीय मंत्री ने इन स्वयंसेवकों के साथ मिलकर इस राष्ट्रीय रैली में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इससे ठीक पहले बीते सोमवार को देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी नागरिकों से पुरजोर अपील की थी कि वे ‘हर घर तिरंगा’ महाअभियान के अंतर्गत निकलने वाली तिरंगा यात्राओं और रैलियों में भारी उत्साह के साथ अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने इस अभियान को भारत की साझा ताकत की एक बानगी बताते हुए इसे एक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ मजबूती से जोड़ने का आह्वान किया था।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा था कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से शुरू किया गया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान हमारे पूरे राष्ट्र की सामूहिक शक्ति का एक जीवंत प्रतीक है। यह अभियान हम सबको विकसित भारत के सपने को सच करने के संकल्प के सूत्र में बांधता है। इस बार का यह अभियान ऐतिहासिक वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के खास अवसर के साथ जुड़ चुका है, जिससे देश के हर एक सच्चे देशभक्त के लिए इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है।
उन्होंने देशवासियों से यह भी आह्वान किया कि वे तिरंगा यात्राओं, रैलियों और सामूहिक रूप से वंदे मातरम् के गान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, अपने-अपने घरों पर शान से तिरंगा फहराएं तथा आधिकारिक वेबसाइट पर तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी अपलोड करें।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बीते 9 अगस्त को देश के सभी नागरिकों से यह अपील की थी कि वे इस राष्ट्रीय अभियान में पूरी ऊर्जा से जुड़कर विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देने के सामूहिक संकल्प को एक बार फिर दोहराएं।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया था कि तिरंगा हमारे महान देश का सबसे बड़ा गौरव है और यह हर एक नागरिक को अपने राष्ट्र के वास्ते अपना सौ प्रतिशत देने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने इस साल के अभियान को वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में समर्पित किए जाने पर भी गहरी प्रसन्नता व्यक्त की थी।
साल 2022 में आरंभ हुआ था हर घर तिरंगा अभियान:-
'आजादी का अमृत महोत्सव' के पावन बैनर तले वर्ष 2022 में शुरू किया गया हर घर तिरंगा अभियान अब हर साल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली एक स्थाई राष्ट्रीय परंपरा बन चुका है। इसके तहत देश के कोने-कोने में करोड़ों नागरिक अपनी मर्जी से अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज का आरोहण करते हैं।
वर्तमान वर्ष में इस अभियान की महत्ता इसलिए भी और अधिक बढ़ चली है क्योंकि इसका आयोजन वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के साथ किया जा रहा है।
पूरे देश में मनाए जाने वाले हर घर तिरंगा उत्सव के कार्यक्रमों के दौरान वंदे मातरम् का सामूहिक गान भी इसका एक मुख्य आकर्षण रहने वाला है।
नागरिकों को हमारे राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की बिल्कुल सटीक धुन और सही प्रस्तुति सीखने में मदद प्रदान करने के उद्देश्य से संस्कृति मंत्रालय ने पांच अलग-अलग चरणों वाला एक विशेष ऑनलाइन ट्यूटोरियल तैयार किया है। यह ट्यूटोरियल इसकी समर्पित वेबसाइट और आधिकारिक पोर्टल पर आसानी से उपलब्ध करा दिया जाएगा।
इस वर्ष तिरंगे के साथ सेल्फी खींचने की सुविधा के साथ-साथ वंदे मातरम् के मूल बोल और उसकी स्वर लहरियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त हर घर तिरंगा प्रदर्शनी के दौरान इस पावन राष्ट्रगीत के गौरवशाली इतिहास को भी आम जनता के समक्ष प्रदर्शित किया जाएगा।















