वाशिंगटन, 12 अगस्त।
अमेरिका द्वारा रूस के खिलाफ नए प्रतिबंध संबंधी विधेयक को आगे बढ़ाने की तैयारी के बीच चीन ने कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिका स्थित चीनी दूतावास ने कहा है कि ऐसे कदमों के विरोध में बीजिंग अपने वैध हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
चीनी दूतावास के प्रवक्ता के अनुसार, यदि अमेरिका रूस से ऊर्जा संसाधन खरीदने वाले देशों पर शुल्क लगाने वाले नए प्रतिबंध विधेयक को आगे बढ़ाता है, तो चीन अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगा।
चीन ने ऐसे एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध किया है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का आधार प्राप्त नहीं है या जिन्हें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी नहीं मिली है। उसका कहना है कि अपने नागरिकों और कारोबार से जुड़े वैध अधिकारों एवं हितों की सुरक्षा करना उसकी प्राथमिकता है।
पिछले सप्ताह अमेरिकी सीनेट ने प्रस्तावित प्रतिबंध विधेयक को 86-11 मतों से मंजूरी दी थी। विधेयक में रूसी तेल और गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों पर प्रस्तावित शुल्क को 500 प्रतिशत से घटाकर 100 प्रतिशत करने का प्रावधान रखा गया है।
इसके साथ ही रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले इस प्रस्ताव में रूस से अमेरिका आने वाले सभी सामान पर 500 प्रतिशत शुल्क लगाने की बात कही गई है। दस्तावेज में रूसी केंद्रीय बैंक, स्बेरबैंक, वीटीबी और गैज़प्रोमबैंक पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है।
नए अमेरिकी कदम को लेकर चीन की चेतावनी से दोनों देशों के बीच रूस प्रतिबंध और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर तनाव बढ़ने के संकेत मिले हैं।















