एक महत्वपूर्ण विभाग से हटाकर दूसरे विभाग में पदस्थ किए गए साहब का पुराने विभाग से मोह अभी तक छूटा नहीं है। नई जगह जिम्मेदारी संभालने के बावजूद मौका मिलते ही पुराने ठिकाने पर दस्तक दे देते हैं।
कभी अधिकारियों से मिलना, कभी कर्मचारियों का हाल पूछना तो कभी पुराने मामलों में अपनी राय देना - साहब की पुरानी यादें अभी भी ताजा हैं। विभाग के अधिकारी-कर्मचारी यही चर्चा करते नजर आते हैं कि तबादला तो हो गया, लेकिन साहब का मन अभी भी पुराने विभाग में ही अटका है।















