श्रीनगर, 12 अगस्त।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान लोगों की जागरूकता और देशप्रेम की परंपरा का उत्सव बन चुका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि तिरंगे का सम्मान केवल घरों की छतों तक सीमित न रहे, बल्कि उनके विचारों, चरित्र और कार्यों में भी दिखाई दे।
श्रीनगर के एसकेआईसीसी से तिरंगा यात्रा को रवाना करने के बाद बॉटनिकल गार्डन में आयोजित तिरंगा महोत्सव को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा कि 2022 में शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य हर भारतीय के मन में तिरंगे के प्रति सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि जब लाखों घरों पर तिरंगा लहराता है तो यह केवल ध्वज का फहराना नहीं होता, बल्कि करोड़ों भारतीयों को एक भावना, विश्वास और संकल्प से जोड़ने का संदेश भी देता है। उनके अनुसार, यह अभियान लोगों को मातृभूमि से और गहराई से जोड़ रहा है।
सिन्हा ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान के साथ बंकिम चंद्र चटर्जी के वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर भी मनाया जा रहा है। उन्होंने वंदे मातरम् को देश की आत्मा की अमर आवाज और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में इस गीत ने देशभक्तों में आत्मविश्वास और संघर्ष की भावना जगाई। इसके 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव केवल गीत के सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय चेतना, साहस और आत्मसम्मान को नमन करने का अवसर भी है।
उपराज्यपाल ने वंदे मातरम् अभियान में भाग लेने वाले जम्मू-कश्मीर के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों की भागीदारी पूरे देश के लिए प्रेरणा बनी है। उन्होंने युवाओं और नागरिकों की भागीदारी की सराहना करते हुए अगले चरण में भी जम्मू-कश्मीर को बेहतर प्रदर्शन के लिए आगे रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि बांदीपोरा, बारामूला, पुलवामा, पुंछ, राजौरी, किश्तवाड़, जम्मू और श्रीनगर के लोगों का वंदे मातरम् के समर्थन में एकजुट होना देश के आत्मविश्वास को मजबूत करता है।
सिन्हा ने कहा कि दोनों अभियान लोगों को यह सोचने के लिए प्रेरित करते हैं कि वे उस भारत के निर्माण में कितना योगदान दे रहे हैं, जिसके लिए पूर्वजों, स्वतंत्रता सेनानियों और सैनिकों ने बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए आज ईमानदारी, समर्पण, एकता और सेवा की भावना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष के वंदे मातरम् और हर घर तिरंगा अभियान केवल दो राष्ट्रीय कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि नए जम्मू-कश्मीर की दिशा को भी दर्शाते हैं। उनके अनुसार, यह ऐसा जम्मू-कश्मीर है जो मातृभूमि के प्रति विश्वास, विकास और समर्पण के साथ भविष्य की ओर बढ़ रहा है।
सिन्हा ने लोगों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि तिरंगा केवल जम्मू-कश्मीर की छतों पर ही नहीं, बल्कि उनके विचारों, चरित्र और कार्यों में भी ऊंचा रहेगा। उन्होंने समृद्ध, सुरक्षित और न्यायपूर्ण भारत के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।















