12 अगस्त।
श्रावण मास की अमावस्या पर आज साल का सबसे बड़ा पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। इस दुर्लभ खगोलीय घटना के दौरान दुनिया के कई हिस्सों में दिन के समय अंधेरा छा जाएगा।
यूरोप के लिए यह घटना खास है। वहां 27 साल बाद पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। इससे पहले 1999 में यूरोप में ऐसा नजारा देखा गया था।
भारतीय समय के अनुसार ग्रहण 12 अगस्त की रात 9:04 बजे शुरू होगा और 13 अगस्त की रात 1:27 बजे समाप्त होगा। पूरी अवधि रात में होने के कारण यह सूर्य ग्रहण भारत के किसी भी हिस्से से दिखाई नहीं देगा।
ग्रहण के दौरान चंद्रमा की बड़ी छाया पृथ्वी के विस्तृत हिस्से पर पड़ेगी। पूर्ण ग्रहण का मुख्य मार्ग उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल से होकर गुजरेगा। इन क्षेत्रों में लोग दिन में रात जैसा दृश्य देख सकेंगे।
पूरे यूरोप के अलावा कनाडा और उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। इस खगोलीय घटना को दुनिया की करीब 12 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष देख सकेगी।
लोगों से ग्रहण को लेकर अंधविश्वासों से दूर रहने और इसे प्राकृतिक खगोलीय घटना के रूप में देखने की अपील की गई है। भारत में खगोल प्रेमी इसे वैज्ञानिक संस्थाओं की ऑनलाइन सीधी प्रसारण सेवा के माध्यम से देख सकेंगे।
इसके 15 दिन बाद 28 अगस्त को आंशिक चंद्रग्रहण होगा। यह घटना भी भारत में दिखाई नहीं देगी। भारत से अगला आंशिक सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को देखा जा सकेगा।















