वाशिंगटन, 12 अगस्त।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी 60 दिन के युद्धविराम को आगे बढ़ाने पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है। मौजूदा युद्धविराम की अवधि 17 अगस्त को समाप्त हो रही है। पाकिस्तान सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों ने मध्यस्थों के माध्यम से समयसीमा बढ़ाने पर अपनी सहमति जता दी है।
हालांकि, विस्तार कितने समय के लिए होगा, इस पर अभी निर्णय नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान जारी है और विस्तार की अवधि तय करने को लेकर बातचीत चल रही है। अमेरिका और ईरान की ओर से इस सहमति की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
17 जून को हुए इस्लामाबाद समझौते के तहत दोनों देशों को अंतिम समझौते की दिशा में बातचीत के लिए 60 दिन का समय मिला था। इसमें आपसी सहमति से इस अवधि को आगे बढ़ाने का प्रावधान भी रखा गया था। यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद हुआ था, जिसका उद्देश्य स्थायी समाधान की दिशा में बातचीत के लिए आधार तैयार करना था।
हालांकि, बाद में वार्ता सुरक्षा गारंटी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से नौवहन की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर मतभेद के कारण रुक गई। हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है।
पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखे हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह अमेरिका और ईरान को बातचीत की मेज पर वापस लाने तथा क्षेत्र में शांति और स्थिरता का रास्ता तैयार करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।
पाकिस्तान ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह मित्र देशों के साथ मिलकर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए दोनों पक्षों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने और लंबित मुद्दों के समाधान की कोशिश जारी रखेगा।















