नई दिल्ली, 12 अगस्त।
टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने घोषणा की है कि उनका मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को पूरा होने के बाद वह दोबारा इस पद के लिए अपना नाम नहीं देंगे। उन्होंने बोर्ड से अपने उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का अनुरोध किया है।
63 वर्षीय चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा समूह के साथ उनके पेशेवर जीवन के 40 वर्ष पूरे हो चुके हैं। उन्होंने इस प्रतिष्ठित संस्थान में काम करने और करीब एक दशक तक टाटा संस का नेतृत्व करने को सम्मान और बड़ी जिम्मेदारी बताया।
उन्होंने बताया कि सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने उनके कार्यकाल को पांच वर्ष के लिए बढ़ाने की सर्वसम्मत सिफारिश की थी। नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति और बोर्ड ने भी इस प्रस्ताव की अनुशंसा की थी।
हालांकि, 24 फरवरी को हुई बोर्ड बैठक में सर्वसम्मत समर्थन नहीं मिलने के बाद चंद्रशेखरन ने निर्णय को कुछ समय के लिए टालने का विकल्प चुना था। छह महीने गुजरने के बाद भी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका।
चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा संस इस समय कई रणनीतिक परियोजनाओं के महत्वपूर्ण क्रियान्वयन चरण में है। ऐसे में फरवरी 2027 के बाद समूह का नेतृत्व कौन करेगा, इस पर जल्द स्पष्टता जरूरी है। उन्होंने बोर्ड से सुचारु बदलाव के लिए उत्तराधिकारी का फैसला शीघ्र करने का आग्रह किया।
एन. चंद्रशेखरन वर्ष 2017 में टाटा संस के अध्यक्ष बने थे। इससे पहले वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक रहे। उनके नेतृत्व में कंपनी ने वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया।
उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने एयर इंडिया का अधिग्रहण किया। समूह ने इलेक्ट्रिक वाहन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के साथ नई तकनीक पर भी जोर दिया।
चंद्रशेखरन के कार्यकाल को टाटा समूह के आधुनिकीकरण, वैश्विक विस्तार और रणनीतिक निवेशों के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। अपने बयान के अंत में उन्होंने समूह से जुड़े सभी हितधारकों के समर्थन के लिए आभार जताया।














